ईरान ने अमेरिका के सामने रखी होर्मुज स्ट्रेट खोलने की शर्तें | world news
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से शुरू करने को लेकर ईरान ने अमेरिका के समक्ष तीन सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है। इस घटनाक्रम का सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है, क्योंकि इस समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल और गैस कारोबार का एक बड़ा हिस्सा संचालित होता है [world news]।
ईरानी विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका यदि पूर्व में हुए समझौतों के आधार पर तीन जरूरी कदम उठाने पर राजी होता है, तो उसके सात दिनों के भीतर इस मार्ग को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। योजना के तहत शुरुआती कुछ दिनों में प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होंगी, छठे दिन जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही बहाल होगी और सातवें दिन दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत का दौर फिर से शुरू हो जाएगा।
दूसरी ओर, खाड़ी के अन्य देशों और विशेषकर सऊदी अरब में इस नए प्रस्ताव को लेकर सतर्क रुख देखा जा रहा है। क्षेत्रीय सुरक्षा और हूती विद्रोहियों की गतिविधियों के कारण पड़ोसी देशों को ईरान की मंशा पर संदेह है। हालांकि, बीजिंग ने इस दिशा में हो रहे प्रयासों का समर्थन किया है, जिससे यह साफ है कि ईरान पश्चिमी देशों के दबाव के बीच अपने कूटनीतिक समीकरण साधने की कोशिश कर रहा है। अब गेंद पूरी तरह से अमेरिकी पाले में है कि वह इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
