चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बढ़ते विवाद के बीच चिराग पासवान की दो टूक | india politics news
देश की चुनावी व्यवस्था और मुख्य चुनाव आयुक्त की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक दलों के बीच घमासान तेज हो गया है। एक तरफ जहां विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए कड़े कदम उठाने की मांग की है, वहीं सत्ता पक्ष के सहयोगियों ने भी आयोग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में आम जनता के भरोसे पर पड़ रहा है, जिसे बनाए रखना संवैधानिक संस्थाओं की प्राथमिकता होनी चाहिए।
विपक्ष के हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि राजनीति करना राजनीतिक दलों का काम है, लेकिन जब बात चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर आती है तो आयोग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जनता के मन में जरा भी संशय है, तो चुनाव आयोग और खासकर मुख्य चुनाव आयुक्त को मजबूती के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए ताकि सारे भ्रम दूर हो सकें।
हाल ही में कांग्रेस नेतृत्व ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मौजूदा चुनाव प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी। इसके साथ ही अन्य राजनीतिक संगठनों ने भी चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगाए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के आरोप सीधे तौर पर देश की संवैधानिक व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, इसलिए निर्वाचन आयोग को इन सवालों का तथ्यात्मक और पारदर्शी जवाब देना चाहिए ताकि लोकतंत्र की साख पर कोई सवाल न बचे।
