ग्रीनलैंड में दो नए सैन्य ठिकाने बनाने की तैयारी, अमेरिका और डेनमार्क के बीच अहम समझौता | world news
अमेरिका ने आर्कटिक क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। न्यूयॉर्क में संपन्न हुए एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत, अमेरिका ग्रीनलैंड में दो अलग-अलग स्थानों पर अपने मिलिट्री बेस स्थापित करने जा रहा है (world news)। इस ऐतिहासिक सुरक्षा समझौते पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मुहर लगी, जिससे वैश्विक कूटनीति में हलचल तेज हो गई है।
इस योजना के तहत दक्षिणी ग्रीनलैंड के नरसार्सुआक में स्थित शीत युद्ध के दौर के पुराने अमेरिकी सैन्य ठिकाने को एक बार फिर से जीवंत किया जाएगा। इसके अलावा, पूर्वी ग्रीनलैंड के मेस्टर्सविग में एक नया सैन्य केंद्र विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। जानकारों का मानना है कि इन सैन्य ठिकानों के बनने से आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा तंत्र बेहद मजबूत हो जाएगा और यह वैश्विक सामरिक संतुलन को भी प्रभावित करेगा।
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयानों में स्पष्ट किया गया है कि यह समझौता अमेरिका और ग्रीनलैंड की साझा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, डेनमार्क का कहना है कि इस कदम से आर्कटिक की सुरक्षा सीधे तौर पर नाटो के दायरे में आ जाएगी, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। यह पूरा घटनाक्रम अमेरिकी नेतृत्व द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक कोशिशों का परिणाम माना जा रहा है [world news]।
