मुंबई की चॉल में रहने वाले ऑटो चालक का बेटा बनेगा डॉक्टर, केजीएमयू में हुआ चयन | national education news
सीमित संसाधनों और तमाम आर्थिक तंगी को मात देते हुए एक साधारण परिवार के होनहार छात्र ने अपनी मेहनत के दम पर डॉक्टर बनने का सपना साकार कर दिखाया है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के अंतर्गत आने वाले देवकीपुर गांव के रहने वाले प्रभात कुमार यादव ने नीट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 3864 हासिल की है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के लखनऊ कैंपस में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। प्रभात की इस कामयाबी के पीछे उनके पिता के दो दशकों का कड़ा संघर्ष और परिवार का अटूट समर्थन शामिल है [national education news]।
प्रभात के पिता महेंद्र कुमार यादव पिछले करीब बीस सालों से मुंबई महानगर में ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं। परिवार से मीलों दूर मुंबई की एक तंग चॉल में रहकर उन्होंने दिन-रात पसीना बहाया और बेटे की पढ़ाई की हर संभव जरूरत पूरी की। शुरुआती पढ़ाई अपने पैतृक गांव से पूरी करने वाले प्रभात ने दसवीं और बारहवीं कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए थे। डॉक्टर बनने के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने राजस्थान के कोटा शहर का रुख किया और दो साल तक रहकर कठिन परिश्रम किया।
तैयारी के दौरान आर्थिक कठिनाइयां सामने आईं, लेकिन परिवार और रिश्तेदारों ने हर कदम पर हौसला बढ़ाया। कोचिंग संस्थान से फीस में रियायत मिलने और मामा के सहयोग से उन्हें आगे बढ़ने में बड़ी मदद मिली। अपने दूसरे प्रयास में सफलता का परचम लहराते हुए प्रभात ने यह साबित कर दिया कि यदि पक्का इरादा हो तो विपरीत परिस्थितियां भी मंजिल हासिल करने से नहीं रोक सकतीं। इस बड़ी सफलता से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है और हर कोई युवा डॉक्टर के उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहा है।
