उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने शुरू किया डैमेज कंट्रोल, नाराज नेताओं से मिलने पहुंचे बड़े नेता | up politics news
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व ने अपने कुनबे को एकजुट रखने की कवायद तेज कर दी है। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के बीच पार्टी ने नाराज चल रहे नेताओं और सहयोगियों को मनाने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है, ताकि चुनाव से पहले किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके [up politics news]।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रायबरेली से विधायक अदिति सिंह से मुलाकात की और इस बैठक की तस्वीरें भी साझा कीं। वहीं दूसरी तरफ, पूर्वांचल दौरे पर पहुंचे भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े सीधे गोरखपुर स्थित निषाद पार्टी के कार्यालय पहुंचे और संजय निषाद तथा उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान निषाद परिवार ने विनोद तावड़े का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें प्रतीक स्वरूप लकड़ी की एक नाव भेंट की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद से जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाता है और सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।
संजय निषाद आगामी चुनावों को लेकर गठबंधन में बेहतर समन्वय, सीटों के उचित बंटवारे और निषाद आरक्षण के मुद्दे पर ठोस पहल चाहते हैं। विनोद तावड़े से पहले संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी संजय निषाद से मुलाकात कर चुके हैं, जिससे उनकी नाराजगी दूर होने की उम्मीद बढ़ गई है। इसके अलावा, पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी सक्रियता और पार्टी के प्रति रुख स्पष्ट करते हुए दूरियां कम होने के संकेत दिए हैं। इन राजनीतिक गतिविधियों से साफ है कि भाजपा अपने सभी घटकों को साथ लेकर चलने के लिए पूरी तरह गंभीर है।
