महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में आगरा के तीन लोगों समेत 18 पर चार्जशीट दाखिल | maharashtra tet paper leak
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दौरान हुए बड़े पैमाने पर पेपर लीक कांड में जांच का दायरा अब पूरी तरह साफ हो गया है। मुंबई पुलिस ने इस बहुचर्चित मामले में आगरा के तीन स्थानीय आरोपियों समेत कुल 18 लोगों के खिलाफ अदालत में 3,500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस खुलासे के बाद से शिक्षा और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी एक निजी प्रिंटिंग प्रेस को सौंपी गई थी।
जांच के मुताबिक, पेपर लीक का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश का आगरा जिला रहा। हरीपर्वत क्षेत्र में स्थित ‘महिम पत्रण प्राइवेट लिमिटेड’ नामक प्रिंटिंग प्रेस में महाराष्ट्र टीईटी के प्रश्नपत्र छापे जा रहे थे। प्रेस के ही कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों ने मामूली लालच के चलते इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया। प्रिंटिंग के दौरान खराब या हल्की स्याही वाले प्रश्नपत्रों को सुरक्षा के लिहाज से नष्ट करने के लिए डिस्पोजल बॉक्स में डाला जाता था, जिसकी गिनती नहीं होती थी। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर आरोपियों ने नापाक खेल खेला।
भर्ती परीक्षाओं में ऐसे लीक होने वाले मामले सीधे तौर पर देश के लाखों योग्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं, जिससे सरकारी व्यवस्था पर से जनता का भरोसा डगमगाता है।
प्रेस में कार्यरत कर्मचारियों ने सुरक्षा गार्डों की आंखों में धूल झोंकते हुए डिस्पोजल बॉक्स से प्रश्नपत्र निकाले और उन्हें अपने जूतों के इनसोल (तलवे) के नीचे छिपाकर बाहर ले आए। शुरुआती लालच में इन कर्मचारियों को मात्र आठ-आठ हजार रुपये दिए गए थे और बाद में बड़े पैमाने पर मुनाफा होने पर जमीन दिलाने का सब्जबाग दिखाया गया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर आगरा, मुंबई और बिहार तक जाल बिछाकर इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया। आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है [maharashtra tet paper leak].
