देश के समग्र विकास में सिविल इंजीनियर्स की भूमिका अहम | kanpur news
देश के आधुनिक और बुनियादी ढांचे के विकास में प्रोफेशनल ग्रेजुएट सिविल इंजीनियर्स रीढ़ की हड्डी साबित हो रहे हैं। कानपुर में आयोजित एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल ग्रेजुएट सिविल इंजीनियर्स (एपीजीसीई) के कानपुर सिटी चैप्टर के एक विशेष कार्यक्रम में यह बात प्रमुखता से सामने आई [kanpur news]। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने देश के समग्र विकास में इंजीनियरों की भूमिका को सराहा।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के प्रोफेसर जयराम कुमार ने नवाचार और डिजिटलीकरण के जरिए स्मार्ट इंजीनियरिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। वहीं, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशिक भट्टाचार्जी ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने वाली क्रांतिकारी तकनीकों पर प्रकाश डाला। इस तरह के आयोजनों से तकनीकी क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा मिलती है और आधुनिक शहरों के निर्माण में मदद पहुंचती है।
संस्था के सचिव रजत कुमार खरे ने कानपुर को एक सुगम, सुरक्षित और गतिमान शहर बनाने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष एफयू रहमान को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए एमिनेट इंजीनियर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस तरह के सम्मेलनों से न केवल पेशेवर लोगों को एक मंच मिलता है, बल्कि शहर के विकास योजनाओं को भी नई गति प्राप्त होती है।
