कानपुर में 125 करोड़ के अवैध लेनदेन मामले में मास्टरमाइंड की जमानत खारिज | kanpur crime news
कानपुर में साइबर धोखाधड़ी और अवैध वित्तीय लेनदेन से जुड़े एक बड़े मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की साठगांठ से दूसरे व्यक्तियों के नाम पर फर्जी बैंक खाते संचालित करने तथा लगभग 125 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी ओमकार सिंह उर्फ राजबीर और उसके सहयोगी मुकेश झा की जमानत याचिका को अपर जिला जज प्रथम की अदालत ने नामंजूर कर दिया है। इस कार्रवाई से वित्तीय धोखाधड़ी में लिप्त तत्वों में हड़कंप मच गया है [kanpur crime news]।
शुरुआती जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी राजबीर पहले एक निजी मर्चेंट बैंक के लिए काम करता था और खाता खुलवाने का कार्य संभालता था। बैंक कर्मचारियों के साथ अपनी पुरानी जान पहचान और संपर्कों का दुरुपयोग करते हुए उसने अवैध गतिविधियों का जाल फैलाया। पिछले महीने पुलिस ने इस साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बैंक कर्मियों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था। इस बड़े पैमाने पर हुए वित्तीय फर्जीवाड़े से आम जनता की गाढ़ी कमाई और आर्थिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न होता है, जिसे देखते हुए जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता बरत रही हैं।
सोमवार को इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपराध की विशालता और साक्ष्यों का हवाला दिया। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को सर्वोपरि मानते हुए दोनों आरोपियों को राहत देने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य छोर खंगालने में जुटी है ताकि इस अवैध साम्राज्य से जुड़े हर एक चेहरे को बेनकाब किया जा सके।
