उत्तर प्रदेश के गांवों में गहराया बिजली संकट, रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति नहीं मिलने से लोग परेशान | up politics news
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों मानसून की मेहरबानी के बीच बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के कई हिस्सों में रोस्टर के अनुसार 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा फेल साबित हो रहा है, जिससे उमस भरे मौसम में आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है [up politics news]।
इस संकट की मुख्य वजह बारिश के कारण कोयले की खदानों में जलभराव और कोयला गीला होना है। इसके चलते कई तापीय विद्युत संयंत्रों में उत्पादन बाधित हुआ है और राज्य में बिजली की मांग तथा उपलब्धता के बीच लगभग साढ़े तीन हजार मेगावॉट का अंतर आ गया है। बिजली निगम का कहना है कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और कोयला आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए समन्वय बढ़ाया गया है।
बिजली कटौती के कारण ग्रामीण इलाकों में रात के समय सांप और अन्य जहरीले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गए हैं। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है, जिसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छात्रों की पढ़ाई पर पड़ेगा।
