टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली से मौका देने की उठी मांग, अजय राय ने लिखा पत्र | up politics news
उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इन संस्थानों में कुल तेईस हजार से अधिक पद रिक्त हैं, जिनपर लंबे समय से युवा तैयारी कर रहे थे। लेकिन भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले पात्रता और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियमों में फेरबदल कर दिया गया है। इन अचानक हुए बदलावों के कारण पूर्व में पूरी मेहनत से तैयारी कर रहे कई छात्र परीक्षा से बाहर होने की कगार पर पहुंच गए हैं। [up politics news]
इस गंभीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया है। उनका तर्क है कि जब अभ्यर्थियों ने पुरानी नियमावली को आधार मानकर अपनी तैयारी पूरी की थी, तो अचानक नियम बदलकर उन्हें वंचित करना उचित नहीं है। सरकार और आयोग को इस पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित युवाओं को राहत देनी चाहिए। समय रहते इस प्रकरण में उचित निर्णय न लिए जाने से बेरोजगार युवाओं में असंतोष और अधिक बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर राज्य की शिक्षण व्यवस्था और परीक्षाओं पर पड़ सकता है।
इससे पहले भी इस मामले को लेकर संबंधित आयोग को पत्र भेजा जा चुका है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखा जाए। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन स्तर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या अभ्यर्थियों को राहत मिलती है।
