क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड कराकर खाते से उड़ाए सवा लाख से अधिक रुपये | kanpur news
कानपुर के पनकी डी-ब्लॉक निवासी इंद्रजीत लाहिरी साइबर ठगों का शिकार बन गए हैं। ठगों ने उन्हें क्रेडिट कार्ड बनवाने का लालच देकर उनके बैंक खाते से एक लाख चौंतीस हजार से अधिक रुपये की चपत लगा दी है। इस घटना ने डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम नागरिकों में साइबर ठगी को लेकर चिंता बढ़ गई है।
घटना की शुरुआत 19 दिसंबर को हुई, जब पीड़ित के फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को एक प्रतिष्ठित बैंक का कर्मचारी बताकर संपर्क किया। कॉलर ने बेहद शातिर तरीके से क्रेडिट कार्ड जारी करने का झांसा दिया और बातचीत के दौरान ही मोबाइल पर एक एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करने का निर्देश दिया। जैसे ही पीड़ित ने वह फाइल अपने फोन में इंस्टॉल की, उनका मोबाइल फोन पूरी तरह से साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया और देखते ही देखते फोन हैक हो गया।
मोबाइल हैक होने के कुछ ही पलों के भीतर पीड़ित के आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड से दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1,34,718 रुपये निकाल लिए गए। हैरान करने वाली बात यह है कि ये सभी भुगतान पीड़ित की जानकारी और सहमति के बिना किए गए थे। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, संकट तब और बढ़ गया जब बैंक की तरफ से भी इस धोखाधड़ी के बावजूद पूरी राशि चुकाने के लिए लगातार दबाव बनाया जाने लगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई है। एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने जानकारी दी है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर औपचारिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की साइबर सेल अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, वे किसके नाम पर रजिस्टर्ड हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल को डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि यह साइबर ठगों का नया पैंतरा है [kanpur news].
