कानपुर में हवा की दिशा बदलने से उमस भरी गर्मी बढ़ी, हल्की बारिश के आसार | kanpur news
कानपुर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। हवा की दिशा में आए बदलाव के कारण बंगाल की खाड़ी में बना कमजोर कम दबाव का क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ओर प्रभावी हो गया, जिससे शहर में घने बादल छाए रहे। मानसून की ट्रफ लाइन अपनी जगह से खिसक चुकी है, जिसके चलते इन बादलों से झमाझम बारिश के बजाय केवल छिटपुट बौछारें ही देखने को मिलीं। [kanpur news]
गुरुवार को सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहा और दिन ढलने के साथ वे और घने हो गए। करीब 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ीं। हालांकि, बारिश अच्छी न होने के कारण वातावरण में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई। तेज धूप न निकलने के बावजूद उमस भरा अहसास लोगों को परेशान करता रहा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी 16 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में उमस का यह दौर बना रह सकता है।
मौसम में आए इस बदलाव से तापमान पर भी असर पड़ा है। अधिकतम तापमान में हल्की वृद्धि दर्ज की गई और पारा 34.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सितंबर महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। वहीं, न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना रहा। इस उमस भरे मौसम का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है, जहां लोग चिपचिपी गर्मी से खासे परेशान नजर आ रहे हैं।
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों की यह आवाजाही अभी कुछ और दिन जारी रह सकती है। स्थानीय स्तर पर बादलों के गरजने और हल्की फुहारें पड़ने की उम्मीद है, लेकिन किसी बड़े मानसूनी सिस्टम के अभाव में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। इस तरह के मौसम से फसलों पर फिलहाल कोई बड़ा प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन इंसानों को उमस से राहत के लिए अभी कुछ और दिन इंतजार करना होगा।
