कानपुर देहात में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से up flood news के तहत तटवर्ती गांवों में चिंता बढ़ी
कानपुर देहात जिले की दक्षिणी सीमा पर बहने वाली यमुना नदी के जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी से तटवर्ती इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है। इस प्राकृतिक आपदा की आशंका ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और संभावित बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासनिक तंत्र भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
चंबल नदी के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते यमुना नदी के तेवर तल्ख होने लगे हैं। यमुना और सेंगुर नदी के संगम स्थल चपरघटा के आसपास स्थित आढ़न, पथार, पडाव, मुसरिया, कुंभापुर, नगीना, नयापुरवा और भुंडा समेत कई गांवों में बाढ़ का साया मंडराने लगा है। जलस्तर में हो रहे प्रति घंटे इजाफे को देखकर ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है और बड़े पैमाने पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, नदी का चेतावनी बिंदु 107 मीटर और खतरे का निशान 108 मीटर निर्धारित है। वर्तमान में जलस्तर लगातार ऊपर चढ़ रहा है, जिससे प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। इस संबंध में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि भोगनीपुर और सिकंदरा तहसीलों के प्रशासनिक अधिकारियों को बाढ़ चौकियों को तत्काल प्रभाव से सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित खतरे को भांपते हुए जिला मुख्यालय पर बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है, जिसका टोल फ्री नंबर 1077 और अन्य आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए गए हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। प्रशासन की इस सक्रियता से ग्रामीणों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन नदी के बढ़ते तेवर ने सभी को सतर्क कर दिया है।
