आगरा में बेटी की हत्या के मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही पुलिस, agra crime news में सामने आए नए तथ्य
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में समाज में अपनी नाक बचाने के लिए एक पिता द्वारा अपनी ही जवान बेटी को मौत के घाट उतारने का मामला सामने आया है। आरोपी पिता चंद्रवीर सिंह ने अपनी 17 वर्षीय बेटी लविश्का की केवल इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उसका मेल-जोल दूसरे समाज के एक युवक के साथ था। इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और इस तरह के कुप्रथाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना वाले दिन मृतका बिना बताए घर से बाहर गई थी और रात को लौटी थी, जिससे गुस्साए पिता ने पहले उसके सिर पर धारदार बांके से वार किया और बाद में उसका गला घोंट दिया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि क्रूरता की इस वारदात को अंजाम देते वक्त आरोपी के कपड़ों पर खून के छींटे पड़े थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांका बरामद कर लिया है, जिस पर उसके फिंगरप्रिंट भी सुरक्षित मिले हैं।
फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों पर जोर
पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस मामले में गवाहों के बयानों के अलावा अकाट्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि अदालत में सजा सुनिश्चित की जा सके। आरोपी के खून के नमूने, कपड़े और हथियार को आगरा की फोरेंसिक लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही आरोपी के इकबालिया बयान की वीडियोग्राफी भी कराई गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर पर गंभीर चोट तथा गला घोंटने की पुष्टि हो चुकी है।
इस तरह के जघन्य अपराध समाज की दबी हुई कुंठाओं और पितृसत्तात्मक सोच को दर्शाते हैं, जिनका सीधा असर युवा पीढ़ी की सुरक्षा पर पड़ता है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि पारिवारिक स्तर पर गवाही नहीं भी मिलती है, तब भी इन मजबूत फोरेंसिक सबूतों के बिना पर सख्त कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
