हुनरमंदों के लिए बड़ा अवसर, up politics news के तहत विश्वकर्मा योजना में 14 नए ट्रेड शामिल
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पारंपरिक कारीगरों और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक अहम निर्णय लिया है। up politics news के अंतर्गत आने वाली विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 का दायरा अब काफी बढ़ा दिया गया है, जिससे रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
योजना का दायरा और नए ट्रेड
सरकार ने इस योजना में पहले से शामिल 11 पारंपरिक व्यवसायों के साथ 14 नए ट्रेडों को जोड़ा है। इसके बाद अब कुल ट्रेडों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। आधुनिक बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और सौंदर्य एवं वेलनेस जैसे तकनीकी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके अलावा मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा जैसे पारंपरिक व्यवसायों को भी इसका हिस्सा बनाया गया है।
वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रावधान
योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिनों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का मानदेय सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर 15 हजार रुपये तक की आधुनिक टूलकिट और सरकारी कौशल प्रमाण-पत्र भी मुफ्त प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का आसान ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिस पर आकर्षक सब्सिडी और बिना गारंटी के ऋण की सुविधा सीजीटीएमएसई योजना के माध्यम से मिलेगी।
जनहित पर प्रभाव
इस विस्तार से ग्रामीण और शहरी इलाकों के हुनरमंद युवाओं को अपनी आजीविका को बेहतर बनाने और आधुनिक तकनीक से जुड़ने का सीधा मौका मिलेगा। पारंपरिक कला के संरक्षण के साथ-साथ यह पहल राज्य में बेरोजगारी की समस्या को कम करने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मददगार साबित होगी।
