कानपुर देहात: बालवाटिका के बच्चों को मिलीं नई किताबें, खुशी से झूमे
कानपुर देहात के अकबरपुर विकासखंड में स्थित प्राथमिक विद्यालय तिंगाई द्वितीय की बालवाटिका में नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए खुशी का माहौल था। यहाँ 3 से 6 वर्ष की आयु के छात्रों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें प्रदान की गईं। ‘चहक’ (भाषा), ‘कदम’ (गणित) और ‘कलांकुर’ (कला) नामक नवीन पुस्तकें प्राप्त कर बच्चों के चेहरे पर अद्भुत प्रसन्नता छाई हुई थी।
नोडल एसआरजी अनंत त्रिवेदी की मौजूदगी में यह वितरण संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को वर्षों से नि:शुल्क पुस्तकें मिलती रही हैं, और इसी क्रम में अब आंगनवाड़ी में बालवाटिका के रूप में संचालित हो रही कक्षाओं के 3 से 6 वर्ष के बच्चों को भी पिछले तीन सत्रों से यह सुविधा दी जा रही है। यह बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एसआरजी संत कुमार दीक्षित ने स्पष्ट किया कि बच्चों को उनकी आयु के अनुसार बाल वाटिका एक, दो और तीन स्तर की पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करना भी है। इसी प्रकार, डेरापुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय जिग्निश की बालवाटिका में भी पुस्तकें वितरित की गईं। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ती, सहायिका और अभिभावक भी उपस्थित रहे।
