बिजली बिल 2025 विरोध: परिवर्तन चौक पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका, बढ़ी गहमागहमी
बिजली (संशोधन) बिल 2025 को वापस लेने और बिजली के निजीकरण पर रोक की मांग को लेकर सोमवार को परिवर्तन चौक पर आक्रोशित बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं, किसानों और मजदूरों ने विशाल मार्च निकाला। पुलिस ने परिवर्तन चौक मेट्रो स्टेशन के पास भारी बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिससे माहौल गरमा गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की देखने को मिली। पुलिस द्वारा रोके जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे और सड़क पर डटकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते रहे। इस विरोध प्रदर्शन के कारण पूरे इलाके में घंटों तक अफरा-तफरी और नारों की गूंज बनी रही।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने इस अवसर पर कहा कि बिजली व्यवस्था मुनाफा कमाने का साधन नहीं, बल्कि जनता की मूलभूत आवश्यकता है। बाद में, संघर्ष समिति के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर महामहिम राज्यपाल के प्रतिनिधि को अपना ज्ञापन सौंपा। समिति ने हरियाणा के बिजली कर्मियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए 11 अगस्त को भोजन अवकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन का भी ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन का सीधा असर आम जनता की बिजली आपूर्ति और भविष्य की ऊर्जा नीतियों पर पड़ सकता है, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।
