आगरा कैंट स्टेशन: ट्रॉली बैग में मिले शव के 12 टुकड़े, जघन्य हत्याकांड का खुलासा
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में मिले मानव अंगों के पोस्टमार्टम ने एक वीभत्स हत्याकांड की ओर इशारा किया है। विशेषज्ञों के पैनल ने शव के 12 टुकड़े पाए, जिन्हें कटर से काटा गया था। शव को गलाने के लिए उस पर तेजाब डालने की भी आशंका जताई जा रही है। बरामद अंगों में जननांग न होने के कारण शव की पहचान पुरुष या महिला के रूप में करना मुश्किल हो रहा है, हालांकि विशेषज्ञ 60% पुरुष और 40% महिला होने का अनुमान लगा रहे हैं।
यह जघन्य अपराध आम जनता के मन में भय और असुरक्षा की भावना पैदा करता है, क्योंकि यह दर्शाता है कि समाज में कितनी क्रूरता मौजूद है। पुलिस ने शव की पहचान के लिए डीएनए नमूने सुरक्षित रखे हैं और हत्यारों का सुराग लगाने के लिए चेन्नई में संदिग्ध युवक-युवती की तलाश कर रही है, जिनके सीसीटीवी फुटेज मिले हैं।
यह घटना 5 अगस्त को तब सामने आई जब प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर ट्रॉली बैग में मानव अंग मिले। पोस्टमार्टम करने वाले पैनल का मानना है कि बरामद अंग शव का केवल एक तिहाई हिस्सा हैं, और बाकी हिस्सों को अलग-अलग स्थानों पर फेंका गया हो सकता है। सिर को भी पहचान छिपाने के लिए गायब कर दिया गया होगा।
पुलिस की टीम चेन्नई स्टेशन से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। फुटेज में एक युवक और युवती ट्रॉली बैग ले जाते हुए दिख रहे हैं, जो किसी पैसेंजर ट्रेन से शव को लेकर आए थे और फिर उसे तमिलनाडु एक्सप्रेस की बोगी में रखा। उनकी वेशभूषा से वे हाई प्रोफाइल लग रहे थे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मृतक की आयु 17 से 25 वर्ष के बीच है, जिसकी पुष्टि दांतों की जांच से हो सकती है।
