Lucknow News: अस्पतालों के बाहर अतिक्रमण से एंबुलेंस जाम में फंसी, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
राजधानी लखनऊ में अस्पतालों के आसपास बढ़ता अतिक्रमण अब जानलेवा साबित होने लगा है। डॉ. राम मनोहर लोहिया, बलरामपुर, केजीएमयू, लोकबंधु और सिविल अस्पताल जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों के बाहर अवैध कब्जों ने मरीजों और उनके तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि अतिक्रमण के कारण अक्सर एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
इस समस्या का समाधान निकालने के लिए नगर निगम लगातार अतिक्रमण हटाने के अभियान चला रहा है, लेकिन पुलिस की ओर से कार्रवाई के बाद दोबारा अतिक्रमण न होने देने में ढिलाई बरती जा रही है। यातायात पुलिस विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट में अस्पतालों के बाहर अतिक्रमण का जिक्र किया है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन भी लगातार नगर निगम को पत्र लिखकर इन कब्जों को हटाने की मांग कर रहा है।
सड़क किनारे लगी अवैध दुकानें, ठेले और खोखे यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। शहर के करीब 10 बड़े अस्पतालों के बाहर 700 से अधिक अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इनमें सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पताल शामिल हैं। हालांकि, कार्रवाई के बाद भी अतिक्रमण कुछ ही घंटों में दोबारा वापस आ जाते हैं, जिससे यह समस्या जस की तस बनी हुई है।
अस्पतालों के बाहर अतिक्रमण की इस समस्या का सीधा असर मरीजों की जान पर पड़ सकता है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को यदि समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
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