आगरा में यमुना खतरे के निशान पर, 23 गांवों को किया सतर्क; बाढ़ का खतरा
नई दिल्ली और हरियाणा में लगातार हो रही बारिश के कारण आगरा में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। शनिवार को जलस्तर में एक मीटर की बढ़ोतरी के साथ यह 149.30 मीटर पर पहुंच गया, जो 152 मीटर के खतरे के निशान से कुछ ही कम है। इस स्थिति को देखते हुए, जिला प्रशासन ने तहसील सदर के 15 और फतेहाबाद के 8 गांवों, कुल 23 गांवों के हजारों लोगों को सतर्क कर दिया है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए डेढ़ दर्जन बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और प्रभावित गांवों में मुनादी कराई जा रही है। लोगों को नदी के किनारे से दूर रहने की सलाह दी गई है। गोकुल बैराज और हथिनीकुंड बैराज से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। हथिनीकुंड से छोड़ा गया पानी 11 अगस्त तक शहर पहुंचने की उम्मीद है, जिससे जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है।
यमुना का निम्न बाढ़ स्तर 152 मीटर है। यदि जलस्तर इस निशान तक पहुंचता है, तो शहर के विभिन्न नालों जैसे मंटोला, जीवनी मंडी, हाथी घाट, बल्केश्वर और दयालबाग पर भी असर पड़ेगा। लगातार बारिश के कारण इन नालों से पानी का निकास प्रभावित होगा, जिससे कई इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। प्रशासन इन संभावित हालातों से निपटने के लिए तैयार है।
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