कानपुर मंडी में मनमानी शुल्क वसूली: किसानों को नहीं मिल रहा उचित मूल्य, जांच की मांग
पुखरायां मंडी समिति में आढ़तियों की मनमानी के चलते किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। आढ़तिये किसानों के माल पर मनमाना कमीशन वसूल रहे हैं, जिससे उत्पाद की कीमत बढ़ रही है लेकिन किसान को उसका लाभ नहीं मिल रहा। ग्राहक को भी महंगी कीमत चुकानी पड़ रही है। मंडी में हरी सब्जी और आलू की खरीददारी करने वाले सात और आठ आढ़तिये किसानों के माल को बिचौलिये के तौर पर बेचते हैं।
आढ़तिये तौल के नाम पर मनमानी कमीशन वसूल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, 10 रुपये किलो बिकने वाली सब्जी पर तीन से पांच रुपये तक कमीशन लिया जा रहा है। इससे जहां किसान को उसकी मेहनत का पूरा दाम नहीं मिल रहा, वहीं ग्राहक को भी वही चीज 18 से 20 रुपये में खरीदनी पड़ रही है। यह स्थिति मंडी सचिव के संज्ञान में भी है, जिन्होंने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अन्य मंडियों की तुलना में पुखरायां मंडी में यह मनमानी अधिक देखी जा रही है।
