कानपुर देहात में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान की समीक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
कानपुर देहात के पीएचसी सरवनखेड़ा में संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सीएचओ-पीएसपी की प्रगति का मूल्यांकन किया गया और डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संचारी रोग अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और स्वच्छता के माध्यम से रोगों की रोकथाम के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।
बैठक के दौरान, संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान की वर्तमान प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समुदाय स्तर पर साफ-सफाई, स्वच्छता बनाए रखने, जलजनित रोगों से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को यूडीएसपी, आईएचआईपी, ई-कवच और सीएस प्रो-पोर्टल पर डेटा को सुरक्षित, सटीक और अद्यतन रखने के संबंध में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
एमएमडीपी कार्यक्रम के तहत, फाइलेरिया से पीड़ित मरीजों को स्वयं की देखभाल, सूजन प्रबंधन और दैनिक व्यायाम की विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रदर्शन कराया गया। सभी प्रतिभागियों को सही देखभाल की तकनीक सिखाई गई और नियमित व्यायाम के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में क्षय रोग, गैर-संचारी रोग जैसे हाई बीपी, डायबिटीज, डेंगू, मलेरिया, पोषण, स्वच्छता तथा आयुष और योग आधारित स्वास्थ्य गतिविधियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास ने पीएसपी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सभी चिह्नित फाइलेरिया मरीजों को संशोधित एमएमडीपी दिशा-निर्देशों के अनुसार शत-प्रतिशत प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्देश दिया। इस कार्यक्रम में बीसीपीएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम, आशा संगिनी और पीएसपी सदस्यों सहित कुल 38 प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस तरह की स्वास्थ्य पहलें समुदाय के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
