कानपुर के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा: प्रबंधक कर रहे लापरवाही, विश्वविद्यालय ने मांगी सूची
कानपुर में स्ववित्तपोषित कॉलेजों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ दिलाने में प्रबंधकों की लापरवाही सामने आई है। कानपुर विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव और उप कुलसचिव से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाया। संघ के अध्यक्ष डॉ. कमलेश यादव और महामंत्री डॉ. अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि बहुत कम संख्या में शिक्षकों के नाम इस योजना के लिए आगे आए हैं। कई कॉलेजों में प्राचार्य तक नहीं हैं, जिससे शिक्षकों की सूची कुलसचिव को फॉरवर्ड नहीं हो पा रही है। प्रबंधकों की इस योजना में कोई रुचि नहीं दिख रही है और कुछ कॉलेज तो लिंक न होने का बहाना बना रहे हैं।
विश्वविद्यालय के अधिकारी शिक्षकों की सूची के लिए बार-बार फोन और पत्र भेज रहे हैं। संघ की मांग पर कुलसचिव ने आश्वासन दिया है कि समस्या के निदान के लिए सीधे संपर्क किया जा सकता है। इस मामले में शिक्षकों को उनके हक का लाभ दिलाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षक संघ के बीच समन्वय की आवश्यकता है, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक शिक्षकों तक पहुंच सके।
