यूपी में बारिश का इंतजार खत्म! अगस्त के पहले हफ्ते से IMD ने दी खुशखबरी, जानें क्या होगा असर
उत्तर प्रदेश में मॉनसून की धीमी रफ्तार ने उमस और गर्मी को बढ़ा दिया है। जुलाई में मॉनसून की कमजोर पड़ती चाल के बाद, मौसम विभाग ने अगस्त के पहले सप्ताह से राज्य में फिर से बारिश की गतिविधियों के तेज होने की उम्मीद जताई है। यह खबर किसानों और गर्मी से जूझ रहे आम लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण मॉनसून की मुख्य गतिविधियां फिलहाल मध्य भारत की ओर शिफ्ट हो गई हैं। इसके कमजोर पड़ने के बाद, मॉनसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने की उम्मीद है, जिससे अगस्त के शुरुआती दिनों में उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर फिर से शुरू हो जाएगा।
इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में अब तक सामान्य से 25% कम बारिश दर्ज की गई है। एक जून से 29 जुलाई के बीच, प्रदेश में 258.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्यतः 342.8 मिमी बारिश होती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह कमी 32% तक है, जहां कई जिलों में 50% से अधिक बारिश की कमी देखी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थिति थोड़ी बेहतर है, जहां 12% की कमी है।
कृषि विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि बारिश की यह कमी, खासकर पूर्वी यूपी में, धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को प्रभावित कर सकती है। इससे सिंचाई पर निर्भरता बढ़ेगी और किसानों की लागत में इजाफा होगा।
हालांकि, मौसम विभाग ने अगस्त की शुरुआत में मॉनसून के फिर से सक्रिय होने का अनुमान जताया है। तेज हवाओं के कारण तापमान में अत्यधिक वृद्धि की संभावना नहीं है। वाराणसी में हाल ही में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश देखी गई, जिसके चलते गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने पर नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। यह कदम पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
