आईआईटी कानपुर को पूर्व छात्रों से मिलेगी अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए 576 करोड़ की राशि, जानिए क्या होगा निर्माण
आईआईटी कानपुर को पूर्व छात्रों के उदार सहयोग से अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम चल रहा है। सत्र 2025-26 तक संस्थान में नए छात्रावासों और उन्नत रिसर्च लैब सहित कई महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। संस्थान की डीन ऑफ रिसोर्सेज एंड एलुमनाई रिपोर्ट के अनुसार, इस वित्त वर्ष में कुल 576 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त होने की उम्मीद है, जिसमें से लगभग 187 करोड़ रुपये अब तक मिल चुके हैं। शेष राशि अगले दो से तीन वर्षों में प्राप्त होगी।
इस पहल में पूर्व छात्रों और कॉर्पोरेट जगत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कोटक महिंद्रा बैंक ने ‘कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनेबिलिटी’ की स्थापना के लिए लगभग 26.29 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा योगदान दिया है। वहीं, ‘गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी’ के लिए अनिल बंसल, जेके सीमेंट और पहल फाउंडेशन ने मिलकर करीब 24.73 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, ‘सस्टेनेबल सिटीज’ के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को गूगल.ऑर्ग से लगभग 17.89 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई फाउंडेशन से ‘डिजिटल हेल्थ स्टैक’ के लिए 11.96 करोड़ रुपये और छात्रों के लिए नए छात्रावास के निर्माण हेतु लगभग 9.75 करोड़ रुपये का सहयोग प्राप्त हुआ है। कंप्यूटर साइंस विभाग में ट्रांसलेशनल रिसर्च लैब के विकास के लिए सिटाडेल सिक्योरिटीज इंडिया मार्केट्स प्रा. लि. ने 6.61 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस तरह के पूर्व छात्र-समर्थित विकास पहलें न केवल संस्थान के बुनियादी ढांचे को मजबूत करती हैं, बल्कि छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा और अनुसंधान के अवसर भी प्रदान करती हैं, जिससे भारत की तकनीकी प्रगति को बल मिलता है।
