लखनऊ में तेज बारिश से बिजली-पानी ठप, गिरे पेड़ और टूटे खंभे, city power crisis
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार तड़के आई तेज हवा और बारिश ने शहर की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। जगह-जगह बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने और खंभे उखड़ने से महानगर, अलीगंज, जानकीपुरम सहित आधे शहर में बिजली संकट रहा। सुबह-सुबह हुई इस कटौती के कारण कई कॉलोनियों में पानी का संकट खड़ा हो गया, जिससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ा।
अलीगंज में जीएसआई उपकेंद्र के पास बिजली लाइन पर विशाल पेड़ गिर जाने से एक बड़े हिस्से की आपूर्ति ठप हो गई। वहीं महानगर क्षेत्र में विद्युत पोल गिर गया। मोहनलालगंज क्षेत्र के कनकहा और फत्तेखेड़ा फीडर ब्रेकडाउन का शिकार हो गए। इसके अलावा फैजुल्लागंज के गायत्री नगर और यूपीआईएल उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले राजेन्द्र नगर में भी देर तक अंधेरा छाया रहा। गोमतीनगर, चिनहट, कमता, इंदिरानगर, जानकीपुरम, दाउद नगर, अमीनाबाद और चौक जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में दिनभर बिजली की आवाजाही का सिलसिला जारी रहा। इससे परेशान लोगों ने लेसा के टोल-फ्री नंबर 1912 और स्थानीय सब-स्टेशन पर दर्जनों बार फोन मिलाए, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई त्वरित सुनवाई नहीं हुई।
इस घटना का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ा, जहां बिजली के अभाव में दैनिक कार्य बाधित हुए और पानी की किल्लत ने लोगों को परेशान किया।
रहीमाबाद के ग्राम पंचायत गोपालपुर में एक बिजली मीटर पिछले 15 दिनों से बंद पड़ा था। पीड़ित हर्षित ने बताया कि उनकी दादी के नाम से बिजली कनेक्शन है। मीटर खराब होने पर शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बिजली कर्मी मौके पर पहुंचे और मीटर ठीक कर आपूर्ति बहाल की।
कुर्सी रोड स्थित महावीर इंटर कॉलेज के सामने घरों और दुकानों के ऊपर फैले बिजली के तारों के मकड़जाल को हटाया जाएगा। अधिशासी अभियंता पंकज गुप्ता ने निरीक्षण के बाद बताया कि क्षेत्र में एबीसी (एरियल बंच्ड) केबल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे खुले बिजली तारों का जाल समाप्त होगा और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बिजली पोल भी लगाए जाएंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से आर्म्ड केबल लगवाने का अनुरोध किया, जिसके बाद विभाग निशुल्क नया बिजली मीटर लगाएगा।
