अमेजन समेत 25 प्रतिष्ठानों पर एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, 6.80 लाख का जुर्माना
राजधानी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले 25 खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जांच में उत्पाद मानकों पर खरे न उतरने और अपर जिलाधिकारी (उत्तर-पूर्व) न्यायालय द्वारा लगाए गए जुर्माने की राशि जमा न करने पर अमेजन सेलर सर्विसेज और अमेजन रिटेल इंडिया जैसी दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों सहित कुल 25 खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर दिया गया है। विभाग ने कुल 6.80 लाख रुपये का जुर्माना वसूले जाने के आदेश दिए हैं।
यह कार्रवाई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है। एफएसडीए के प्रवर्तन अभियान के तहत अमेजन के माध्यम से बेचे जा रहे सरसों के तेल, काजू, पीला छुआरा और किशमिश जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले खाद्य पदार्थों के नमूनों में एक्सपायरी डेट न होना या उत्पाद सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया। एफएसएसएआई के लेबलिंग और पैकेजिंग नियमों का उल्लंघन करने के चलते अदालत ने अमेजन पर भारी जुर्माना लगाया था, जिसे न भरने पर एफएसडीए ने आरसी जारी कर कानूनी शिकंजा कस दिया है।
ऑनलाइन कंपनियों के अलावा, शहर के प्रसिद्ध रेस्टोरेंट और डेयरी ब्रांड्स भी इस कार्रवाई की जद में आए हैं। केएफसी (देवयानी इंटरनेशनल) के मैदे में ‘ऐश इनसॉल्युबल’ और ‘अल्कोहोलिक एसिडिटी’ की मात्रा खतरनाक स्तर तक अधिक पाई गई, जिस पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बनास डेयरी के पनीर में तय सीमा से काफी कम ‘मिल्क फैट’ पाया गया, जिसके चलते 35 हजार रुपये की वसूली का नोटिस जारी किया गया है। कृष्णम् डेयरी, गमन फूड्स/किसान बाजार, अंशु मिल्क प्रोडक्ट और सत् साई बाबा ढाबा के पनीर में भी फैट की कमी पाई गई। मो. फुरकान के पेड़े में हानिकारक स्टार्च की मिलावट और मानस आइसक्रीम पर फैट की कमी के कारण भी आरसी जारी की गई है।
छोटे दुकानदारों को भी नहीं बख्शा गया है। चिनहट के मो. निसार पर बिना खाद्य पंजीकरण के कारोबार करने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया। अलीगंज की ‘श्री विनायकम्’ फर्म के मुनक्का पैकेटों पर बैच नंबर और एक्सपायरी डेट गायब थी। दही, दूध, कुट्टू के आटे, मटर की दाल और पंजाबी चिक्की में भी पैकेजिंग नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बकाएदारों से वसूली न होने पर प्रतिष्ठानों पर ताला जड़ा जाएगा।
एफएसडीए की जांच में कई तरह की खामियां पाई गईं, जिनमें दूध और उससे बने उत्पादों में निर्धारित मानक से कम दुग्ध वसा, एसएनएफ (सॉलिड नॉट फेट) की कमी, पेड़े में स्टार्च की मिलावट, फ्रोजन डेजर्ट में फैट और टोटल सॉलिड कम होना, मैदे के नमूनों में अल्कोहलिक एसीडिटी की अधिक मात्रा, किशमिश के पैकेट में क्षतिग्रस्त किशमिश का अधिक प्रतिशत, और विभिन्न उत्पादों के पैकेटों पर निर्माता का नाम, बैच नंबर, पैकिंग तिथि तथा एक्सपायरी तिथि जैसी आवश्यक जानकारी का अभाव शामिल है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर कारोबार पर रोक लगाई जा सकती है।
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