शिक्षामित्रों की विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग, जानें क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश में सेवारत शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली विशेष शिक्षक आर्हता परीक्षा (टीईटी) में शिक्षामित्रों को भी शामिल किए जाने की मांग उठाई गई है। उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ का कहना है कि विशेष टीईटी में अवसर मिलने से भविष्य में शिक्षक पद पर कार्य करने में उन्हें कठिनाई नहीं होगी।
संघ शनिवार को सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभाएं भी आयोजित करेगा। यह दिन 2017 में उनके शिक्षक पद पर समायोजन निरस्त होने की बरसी है, जिसके चलते कई शिक्षामित्रों का निधन हो चुका है। उनकी स्मृति में यह सभा आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, शिक्षामित्रों को मूल जिला वापसी का निर्णय भी अभी तक लागू नहीं हो सका है, जो एक और लंबित मांग है।
शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश संगठन मंत्री कौशल कुमार सिंह ने सभी शिक्षामित्रों से इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। इन मांगों का सीधा असर राज्य के शिक्षा तंत्र और हजारों शिक्षामित्रों के भविष्य पर पड़ सकता है, जो लंबे समय से अपनी सेवाओं के नियमितीकरण और बेहतर भविष्य की उम्मीद कर रहे हैं।
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