कानपुर में श्री जगन्नाथ रथयात्रा आज से शुरू, 216 साल पुरानी परंपरा का होगा निर्वहन
कानपुर शहर में आज से श्री जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। यह यात्राएं पुरी की तर्ज पर शहर के विभिन्न इलाकों से निकलेंगी। बाईजी के मंदिर से मुख्य यात्रा निकलेगी, जबकि 216 वर्ष पुरानी श्री जगन्नाथ मंदिर बिरजी भगत से भी एक प्रमुख यात्रा निकलेगी। शिवकटरा में महिलाएं भी अपनी यात्रा निकालती हैं, वहीं इस्कॉन दक्षिण 19 जुलाई को अपनी रथयात्रा निकालेगा।
यात्रा के मार्गों की स्थिति चिंताजनक है। संकरे रास्ते होने के कारण सड़कों की हालत बेहतर नहीं हो पाई है और बिजली के तार भी अभी तक ऊंचे नहीं किए गए हैं। गुरुवार को मुख्य यात्रा बाई जी के मंदिर से शुरू होकर जनरलगंज, नयागंज, भूसा टोली होते हुए नागेश्वर मंदिर तक पहुंचेगी।
दूसरे दिन, शुक्रवार को श्री जगन्नाथ मंदिर बिरजी भगत से एक और रथयात्रा निकलेगी, जो नयागंज चौराहे से शुरू होकर बिरहाना रोड, मेस्टन रोड, चौक टोपी बाजार होते हुए वापस मंदिर परिसर में पूर्ण विराम लेगी। श्री जगन्नाथ उमा जगदीश मंदिर की यात्रा धनकुट्टी धर्मशाला से निकलकर लाल कुआं, कलक्टर गंज, शक्करपट्टी, नयागंज होते हुए जनरलगंज मंदिर में विश्राम करेगी।
श्री बिरजी भगत मंदिर की स्थापना सन् 1810 में ब्रजलाल ओमर ने की थी, जिसके बाद से इस यात्रा की परंपरा चली आ रही है। मंदिर में अष्टधातु के श्री जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र जी के विग्रह स्थापित हैं। समय के साथ मंदिर का जीर्णोद्धार भी हुआ है और रथयात्राओं की संख्या भी बढ़ी है। 135 साल पहले दोनों मुख्य रथयात्राओं को एक ही दिन निकालने को लेकर विवाद भी हुआ था, जिसके बाद से इनके समय में बदलाव किया गया।
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