आगरा किला-फतेहपुर सीकरी के 5 KM दायरे में पेड़ काटने पर रोक, सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल
विश्व धरोहर स्थल आगरा किला और फतेहपुर सीकरी के पांच किलोमीटर के दायरे में अब पेड़ नहीं काटे जा सकेंगे। सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी रिपोर्ट में यह सिफारिश की है। इस निर्णय से इन ऐतिहासिक स्मारकों के आसपास विकास से जुड़ी परियोजनाओं पर असर पड़ना तय है।
यह कदम इन विश्व धरोहर स्थलों की पर्यावरण सुरक्षा और संरक्षण के लिए उठाया गया है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना यहां पेड़ काटना संभव नहीं होगा। सीईसी ने यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के एक मई, 2025 के आदेश के अनुपालन में सौंपी है। इससे पहले, कोर्ट ने ताजमहल की पांच किमी परिधि में पेड़ काटने पर रोक लगाई थी और ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) में पेड़ों की कटाई के लिए सीईसी द्वारा तैयार स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को स्वीकार किया था।
कोर्ट ने सीईसी को टीटीजेड के भीतर स्थित आगरा किला और फतेहपुर सीकरी की सुरक्षा के लिए पेड़ काटने पर पाबंदियों के बारे में एक नई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। निर्देशों का पालन करते हुए, सीईसी ने वन विभाग के अधिकारियों और अन्य हितधारकों से बातचीत की और स्मारकों का दौरा भी किया।
सीईसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि टीटीजेड में पर्यावरण सुरक्षा का उद्देश्य केवल ताजमहल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को बचाना है, जिसमें तीनों विश्व धरोहरें शामिल हैं। आगरा किला और फतेहपुर सीकरी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं जिनका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत अधिक है। इन स्मारकों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए एक स्वस्थ वातावरण की आवश्यकता है, जिसमें पेड़-पौधे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पेड़-पौधे स्थानीय जलवायु को नियंत्रित करते हैं, हवा की गुणवत्ता सुधारते हैं, तापमान और शोर का स्तर कम करते हैं, मिट्टी का कटाव रोकते हैं और जैव विविधता को बढ़ावा देते हैं। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से धूल का स्तर बढ़ सकता है, तापमान बढ़ सकता है, हवा की गुणवत्ता खराब हो सकती है और ऐतिहासिक नजारों में खलल पड़ सकता है, जो इन धरोहरों के संरक्षण के लिए हानिकारक है।
सीईसी ने यह भी माना है कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सार्वजनिक सुरक्षा या अन्य आवश्यक उद्देश्यों के लिए पेड़ों को हटाना आवश्यक हो सकता है। इसलिए, उद्देश्य पूरी तरह से रोक लगाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि पेड़ों की कटाई पारदर्शी, वैज्ञानिक और कानूनी रूप से विनियमित हो, ताकि विकास की जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे। सीईसी ने ताजमहल के लिए मंजूर किए गए सुरक्षा उपायों और शर्तों को आगरा किला और फतेहपुर सीकरी पर भी लागू करने की सिफारिश की है।
