आगरा में RPF ने 10 हजार में बिकाई जा रही 12 साल की बच्ची को बचाया, मानव तस्करी का मामला
आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुवाहाटी-बीकानेर एक्सप्रेस से लाई जा रही 12 वर्षीय एक बालिका को आरपीएफ ने मुक्त कराया है। यह बच्ची बिहार के पूर्णिया जिले की रहने वाली है, जिसे 10 हजार रुपये में शादी के लिए बेचा जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
आरपीएफ को स्टेशन पर एक बच्ची सहमी हुई मिली, जिसके साथ तीन लोग थे। शक होने पर जब महिला उप निरीक्षक ने बच्ची से बात की, तो उसने रोते हुए बताया कि उसके परिजनों ने 10 हजार रुपये लेकर उसकी शादी जबरन गोपाल नाम के व्यक्ति से करा दी थी। बच्ची की बातों के बाद आरपीएफ ने गोपाल गहलोत, गौरीशंकर और उसकी पत्नी शिल्पी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में गोपाल ने बताया कि वह शादी के लिए लड़की ढूंढ रहा था, जिसके लिए गौरीशंकर ने उसे बिहार के पूर्णिया जिले में एक परिचित के माध्यम से बच्ची के परिजनों से संपर्क कराया। बच्ची के परिजनों ने 10 हजार रुपये लेकर यह सौदा तय किया। इस घटना ने एक बार फिर मानव तस्करी के नेटवर्क की ओर इशारा किया है, जिससे समाज को गंभीर खतरा है।
मानव तस्करी निरोधक थाना प्रभारी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मुक्त कराई गई बालिका को फिलहाल आशा ज्योति केंद्र भेजा गया है, जहां उसकी देखभाल की जाएगी।
