आगरा में नकली दवाओं का बड़ा खेल: 10 डिब्बों से 1000 नकली पैक बनाने का खुलासा
आगरा के फव्वारा दवा बाजार में नकली दवाओं के कारोबार का एक बड़ा सिंडिकेट औषधि विभाग की पकड़ में आया है। यह सिंडिकेट फार्मा कंपनियों से केवल 10 डिब्बे खरीदता था और फिर उन्हीं डिब्बों के बैच नंबर और क्यूआर कोड का इस्तेमाल करके पुडुचेरी और रुड़की जैसी जगहों पर स्थित अवैध फैक्ट्रियों में एक हजार नकली डिब्बे तैयार करवाता था।
नकली दवाओं के इस खेल में बिलों को डायवर्ट करने का तरीका अपनाया जाता था। ये सिंडिकेट अपने रिश्तेदारों की थोक दवा फर्मों के नाम पर इन नकली दवाओं की बिलिंग करते थे और फिर उन्हें कोलकाता, दिल्ली, लखनऊ, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों के थोक दवा कारोबारियों को बेच देते थे। इस तरह, वे असली दवाओं के बैच नंबर और क्यूआर कोड का दुरुपयोग करके बाजार में भारी मात्रा में नकली उत्पाद खपा रहे थे।
औषधि विभाग की कार्रवाई में यह भी सामने आया है कि नकली दवाओं को बनाने के लिए फार्मा कंपनियों के सॉल्ट फॉर्मूला को कॉपी किया गया, जिससे शुरुआती जांच में कई नमूने पास हो गए थे। पिछले एक साल में, विभाग ने 76.13 करोड़ रुपये की संदिग्ध दवाएं सील की हैं और 58 थोक दवा दुकानों के लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए हैं। इस रैकेट में एक्सपायर दवाओं की रीलेबलिंग कर उन्हें अस्पताल सप्लाई की दवाएं बताकर भी बेचा जा रहा था, जो जनता के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा है।
