फर्जी फर्म से 1.15 करोड़ की GST चोरी: संचालक पर मुकदमा दर्ज, Kanpur में बड़ा टैक्स फ्रॉड
कानपुर में एक बड़े टैक्स फ्रॉड का खुलासा हुआ है, जहां एक फर्जी फर्म के संचालक पर 1.15 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का आरोप है। राज्य कर विभाग ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित अपराधों की ओर इशारा करती है।
राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर संतोष कुमार की तहरीर के अनुसार, सर्वश्री कुमार इंटरप्राइजेज नामक फर्म के संचालक उमेश कुमार ने जीएसटी पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में 6.43 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई घोषित की थी। हालांकि, खरीद और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े दस्तावेजों की जांच में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
विभाग का आरोप है कि फर्म ने अस्तित्वहीन और संदिग्ध फर्मों से फर्जी इनवॉइस के आधार पर आईटीसी का दावा किया। जांच में पता चला कि जिन फर्मों से खरीद दिखाई गई, उनमें से एक का जीएसटी पंजीकरण निलंबित था, जबकि अन्य फर्मों के माध्यम से भी संदिग्ध लेनदेन दर्शाए गए थे। इस प्रकार, फर्म ने कुल 1,15,87,404 रुपये की बोगस आईटीसी का लाभ उठाया और उसे विभिन्न कंपनियों को पास-ऑन किया।
राज्य कर विभाग की टीम ने चार जुलाई को कानपुर के केआर पुरम, सनिगवां रोड स्थित फर्म के घोषित पते पर सत्यापन किया। वहां कोई फर्म संचालित नहीं मिली। भवन स्वामी ने भी संबंधित फर्म या उसके संचालक को पहचानने से इनकार कर दिया। पंजीकरण में दर्ज मोबाइल नंबर भी बंद मिला। इसके बाद विभाग ने चकेरी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
