बच्चों की मानसिक शांति के लिए स्कूलों में पीतल की घंटी अनिवार्य: DIOS Aligarh
अलीगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले सभी प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में स्कूलों के संचालन और छात्रों के कल्याण से संबंधित कई अहम निर्देश जारी किए गए।
पीतल की घंटी का महत्व
DIOS ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सभी स्कूलों में पीतल की घंटी लगाना अनिवार्य होगा। उनका मानना है कि पीतल की घंटी की ध्वनि बच्चों की मानसिक शांति के लिए सहायक होती है। यह निर्देश बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखकर दिया गया है।
स्कूलों में साफ-सफाई और सुरक्षा
बैठक में स्कूलों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। वर्षा ऋतु को देखते हुए, विद्यालय परिसर में घास और झाड़ियों को नियंत्रित रखने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, जर्जर भवनों को तुरंत लाल निशान लगाकर ‘निष्प्रयोज्य’ घोषित करने और उनका किसी भी शैक्षिक गतिविधि के लिए उपयोग न करने का आदेश दिया गया।
नामांकन और शैक्षिक गतिविधियां
प्रधानाचार्यों को यू-डाइज पोर्टल पर कक्षावार नामांकन पूर्ण कराने और ‘स्कूल चले हम’ अभियान के तहत शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार पठन-पाठन को अनिवार्य किया गया और ट्रैक शिक्षा पोर्टल पर जियो-टैग फोटो अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य किया गया। साथ ही, छात्रवृत्ति पोर्टल पर मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के दौरान, सहायक मलेरिया अधिकारी ने मलेरिया से बचाव के बारे में भी जानकारी प्रदान की। यह बैठक आगामी सत्र के सुचारू संचालन और विद्यार्थियों के लिए एक सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षिक वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
