एचबीटीयू दीक्षांत समारोह: 925 मेधावियों को मिलेंगी डिग्रियां, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अध्यक्षता
एचबीटीयू (HBTU) के 8वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं, जहाँ 925 मेधावियों को उनकी उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इस प्रतिष्ठित समारोह में बीटेक के 560, एमबीए के 190, पीएचडी के 14 छात्र-छात्राओं सहित अन्य विभागों के मेधावी छात्र शामिल हैं। दीक्षांत समारोह 10 जुलाई को आयोजित होगा, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। इस समारोह में कुल 47 पदक भी वितरित किए जाएंगे, जिनमें कुलाधिपति और कुलपति द्वारा दिए जाने वाले पदक शामिल हैं।
विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में दीक्षांत समारोह से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिस पर अंतिम मुहर लग गई। कुलपति प्रो. समशेर की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपाधियों की संख्या पर भी चर्चा हुई। हालाँकि, एमटेक के कुछ छात्रों का मूल्यांकन अंतिम चरण में है, जिसके परिणाम आने पर उपाधियों की कुल संख्या में वृद्धि की संभावना है। वर्तमान में, बीटेक के 560, एमसीए में 73, एमटेक में 54, एमएससी में 41, बीबीए में 48, एमबीए में 190 और पीएचडी में 14 छात्रों को उपाधियां दी जानी हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि एफडीडीआई चेयरमैन राजेंद्र जालान होंगे, जो एचबीटीयू के पूर्व छात्र भी हैं। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को विभिन्न पदकों से सम्मानित किया जाएगा। बीटेक के 12 छात्रों को कुलपति स्वर्ण, 11 को रजत और 11 को कांस्य पदक मिलेगा। इसी प्रकार, बीबीए, एमसीए और एमबीए के मेधावी छात्रों को भी स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए जाएंगे। बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रज्ञान वर्मा को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की रैना दीक्षित को कुलाधिपति रजत और तनिष्का शर्मा को कुलाधिपति कांस्य पदक से नवाजा जाएगा। प्रज्ञान वर्मा को एक विशेष प्रायोजित पदक भी मिलेगा।
इस दीक्षांत समारोह का आयोजन छात्रों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। बैठक में रजिस्ट्रार अमित राठौर, डीन एकेडमिक्स प्रो. वंदना कौशिक, प्रो. ललित कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। डीन एकेडमिक्स प्रो. वंदना कौशिक ने बताया कि 27 जुलाई से प्रथम वर्ष को छोड़कर सभी विभागों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो जाएंगी, जबकि प्रथम वर्ष की कक्षाएं 16 अगस्त से शुरू होंगी।
