आईआईटी कानपुर में मेटाबॉलिक और ट्रॉपिकल डिजीज पर होगी रिसर्च, मिलेगी एडवांस्ड हेल्थकेयर
आईआईटी कानपुर चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। संस्थान के गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी में अब डायबिटीज, ओबेसिटी जैसे मेटाबॉलिक डिसऑर्डर और डेंगू, मलेरिया, टीबी जैसी ट्रॉपिकल डिजीज के प्रभावी इलाज के लिए अत्याधुनिक रिसर्च और तकनीक विकसित की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य इन गंभीर बीमारियों के लिए बेहतर उपचार पद्धतियां खोजना है, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल सके।
यह रिसर्च इंजीनियरों और चिकित्सकों की एक संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। इसके साथ ही, संस्थान में निर्माणाधीन यदुपति सिंहानिया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल इसी साल दिसंबर से ओपीडी शुरू करने की तैयारी में है। यह अस्पताल 500 बेड का होगा और इसमें एडवांस्ड क्लीनिकल केयर सेंटर, मॉडर्न आईसीयू, डायग्नोस्टिक्स सर्विस के साथ 50 बेड की कैंसर केयर यूनिट भी शामिल होगी। इस परियोजना के लिए प्रदेश सरकार और पूर्व छात्रों का सहयोग लिया जा रहा है, जिससे चिकित्सा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिले।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी महत्व दिया जा रहा है। स्कूल में देश-विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों को विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में शामिल किया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया सेनडियागो, एम्स गोरखपुर, लौरस लैब्स, अपोलो अस्पताल, यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो और आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न जैसे कई प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौते किए गए हैं। यह सहयोग रिसर्च और इलाज को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।
अनुसंधान और नवाचार के प्रमुख क्षेत्र:
एआई इन हेल्थकेयर
मटरेयिल्स इन मेडिसिन
टेलीमेडिसिन एवं रोबोटिक्स
प्वाइंट ऑफ केयर डायग्नोसिस
कार्डियोवस्कुलर एवं पल्मोनरी डिजीज
मेटाबॉलिक डिसऑर्डर
न्यूरोसाइंस, न्यूरोटेक्नोलॉजी एवं मेंटल हेल्थ
ट्रॉपिकल एंड इंफेक्टियस डिजीज
नॉन इनवेसिव इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक्स
अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं:
गैस्ट्रोइनटरोलॉजी
कार्डियोवस्कुलर एवं थोरासिस सर्जरी
