लखनऊ अग्निकांड: दो जिगरी दोस्तों की साथ मौत, करियर की शुरुआत में ही हुआ दर्दनाक अंत
लखनऊ के अलीगंज में हुए एक भीषण अग्निकांड ने दो जिगरी दोस्तों, संयम विज और सूरज सिंह की दोस्ती को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। दोनों ने एक साथ शिक्षा प्राप्त की और एनिमेशन के क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया था, लेकिन नियति ने उन्हें एक ही ऑफिस में मौत से मिला दिया।
दोस्ती और करियर की एकसाथ शुरुआत
कानपुर के गोविंदनगर निवासी 29 वर्षीय संयम विज और बर्रा निवासी सूरज सिंह की दोस्ती बेहद गहरी थी। उन्होंने एक ही स्कूल से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की और फिर काकादेव से एनिमेशन का कोर्स भी साथ में किया। इसके बाद दोनों ने एकसाथ लखनऊ स्थित एक एनिमेशन सेंटर में थ्रीडी आर्टिस्ट के तौर पर नौकरी शुरू की। शनिवार और रविवार को ऑफिस में छुट्टी होने पर वे अक्सर साथ ही घर लौटते थे। इसी ऑफिस में आग लगने से दोनों की जान चली गई, जहां से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी।
‘जल्दी आऊंगा मां’ कहकर निकले, कफन में लौटे
सूरज सिंह की मां मीरा ने बताया कि रविवार शाम को सूरज ने उनसे कहा था कि वह जल्दी आएगा। खाना पैक कराकर वह लखनऊ के लिए निकल गया था। सोमवार को जब सूरज का फोन नहीं आया तो मां को चिंता हुई, लेकिन उन्होंने सोचा कि शायद वह थककर सो गया होगा। मंगलवार की सुबह जब बेटे का शव कफन में लिपटा मिला तो मां बदहवास रह गईं। उन्होंने कहा कि बेटा तो पांच दिन बाद आने की बात कहकर गया था।
बाथरूम में छिपने की कोशिश, दम घुटने से मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, दोनों युवकों की मौत दम घुटने से हुई है। परिजनों का कहना है कि आग लगने के बाद दोनों दोस्त इमारत की दूसरी मंजिल पर बने बाथरूम में छिप गए थे, शायद उन्हें लगा कि वे वहां सुरक्षित रहेंगे। लेकिन धुएं के घने गुबार के कारण वे बच नहीं सके। दोनों के शव कानपुर पहुंचने पर पूरे मोहल्ले में मातम छा गया।
शादी की तैयारियों के बीच मातम
सूरज सिंह के परिवार में उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिवार वाले उसके लिए रिश्ता देख रहे थे और अगले वर्ष तक शादी करने की योजना थी। पिता की मृत्यु के बाद सूरज ने ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी, जिससे सभी को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। लेकिन अब खुशियों के इंतजार में बैठा परिवार गहरे शोक में डूब गया है।
पिता की मौत के बाद बेटे को भी आग ने छीना
सूरज के परिवार का आग से दुखद नाता रहा है। उसके पिता शिवराम सिंह मलिक की मृत्यु भी पिछले साल होली के दिन एक पेट्रोल पंप पर आग लगने की घटना में हुई थी। पिता की मृत्यु के बाद सूरज ने ही परिवार को संभाला था, लेकिन अब उसे भी आग ने छीन लिया। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
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