खाद की किल्लत पर किसान भड़के, ‘खाद नहीं तो वोट नहीं’ का नारा
अलीगढ़ में खाद की गंभीर समस्या को लेकर किसानों का गुस्सा भड़क उठा है। भारतीय किसान यूनियन (सुनील) के नेतृत्व में किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपने के लिए नुमाइश मैदान की ओर मार्च किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान किसानों ने पुतला फूंकने का भी प्रयास किया, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया।
किसानों की मुख्य मांग खाद की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौधरी ने बताया कि यूरिया और डीएपी जैसी आवश्यक खाद की भारी किल्लत से किसानों को जूझना पड़ रहा है। समय पर खाद न मिलने से फसलों के उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे आगामी चुनावों में वोट नहीं देंगे।
किसानों के इस आंदोलन का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ सकता है, क्योंकि कृषि उत्पादन में कमी से खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि की आशंका है। संगठन ने इस संबंध में एक 10 सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार अतरौली, मयंक गोयल को सौंपा। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
