यूपी किडनी रैकेट: ऑपरेशन से पहले रिजर्व रखते थे डोनर, दक्षिण अफ्रीकी महिला से वसूले 1.5 करोड़
कानपुर में किडनी रैकेट की जांच कर रही पुलिस ने गिरोह के काम करने के तरीके का खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह ऑपरेशन से पहले दो डोनर्स को बुलाता था। दोनों की मेडिकल जांच के बाद, जिसकी रिपोर्ट सबसे बेहतर होती थी, उसकी किडनी निकाली जाती थी। दूसरे डोनर को रिजर्व में रखा जाता था, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उसका उपयोग किया जा सके। यह खुलासा गिरफ्तार किए गए ओटी टेक्नीशियन ने किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने हाल ही में एक दक्षिण अफ्रीकी महिला का भी ट्रांसप्लांट किया था। गिरफ्तार किए गए टेक्नीशियन ने बताया कि मार्च में हुए इस ऑपरेशन के लिए महिला से डेढ़ करोड़ रुपये तक वसूले गए थे। महिला का रंग काफी दबा हुआ था।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग शहरों में सक्रिय थे। गाजियाबाद के वैशाली से राजेश कुमार, कुलदीप सिंह राघव और मुद्स्सर अली सिद्दीकी एक गाड़ी से गए थे। वहीं, लखनऊ जाने वालों में डॉ. सैफ, सैफ, शैलेंद्र, अखिलेश समेत अन्य लोग शामिल थे।
