कृषि छोड़ शहरों में delivery boy job कर रहे युवा, भविष्य हो रहा बर्बाद: रत्ना सिंह
कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र प्रतापगढ़ की अध्यक्ष राजकुमारी रत्ना सिंह ने ग्रामीण युवाओं के पलायन पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि त्वरित लाभ कमाने की होड़ में युवा खेती छोड़ रहे हैं और शहरों में डिलीवरी बॉय जैसे वाणिज्यिक प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए भी खतरा पैदा कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि में प्रतिफल मिलने में समय लग सकता है, लेकिन यह एक टिकाऊ भविष्य प्रदान करता है।
राजकुमारी रत्ना सिंह ने यह बात रावतपुर स्थित आईसीएआर-अटारी (कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान) के 18वें स्थापना दिवस समारोह में कही। इस अवसर पर फसल अवशेष प्रबंधन पर एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को कृषि उद्यमिता से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
समारोह में सीएसए के कुलपति व मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडियन ने बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से ही अधिक और गुणवत्तायुक्त उत्पादन संभव है। आईसीएआर के पूर्व उप महानिदेशक डॉ. यूएस गौतम ने फल और दुग्ध भंडारण सुविधाओं को विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला में 23 केवीके ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में डॉ. आरआर बर्मन, डॉ. एमपी चचारकर, डॉ. रवि गोपाल सिंह और डॉ. अंजनी कुमार सिंह सहित कई विशेषज्ञों ने फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व पर जानकारी दी। निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने अटारी के इतिहास और उपलब्धियों को साझा किया।
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