मुख्य सचिव ने NABARD projects की समीक्षा की, समय पर पूरा करने के निर्देश दिए
राज्य के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने नाबार्ड (NABARD) द्वारा वित्त पोषित ग्रामीण विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए मैन पावर की कमी नहीं होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों से भी सहयोग लिया जा सकता है। मुख्य सचिव ने यह निर्देश ग्रामीण विकास निधि (RIDF) की हाई पावर कमेटी की पांचवीं बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक है, लेकिन समयबद्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
मुख्य सचिव ने नाबार्ड और कार्यदायी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना स्वीकृति, प्रतिपूर्ति दावे और परियोजना पूर्णता प्रमाणपत्र समय से नाबार्ड को भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय बढ़ाएं।
बैठक में पशुपालन विभाग द्वारा प्रस्तावित पशु चिकित्सालय परियोजना के मॉडल प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द नाबार्ड को स्वीकृति के लिए भेजा जाए। उन्होंने कार्यदायी विभागों को नाबार्ड को विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने बताया कि अब तक 2419 करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं और विभागों को 2713 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 3100 करोड़ रुपये के काम मार्च 2026 तक पूरे किए जाने का लक्ष्य है।
