एक साथ ज्यादा पानी पीना खतरनाक, Glaucoma मरीजों के लिए बढ़ सकता है खतरा
अक्सर लोग सुबह उठकर या दिन में एक साथ बड़ी मात्रा में पानी पीते हैं, यह सोचकर कि यह शरीर को हाइड्रेट रखेगा और पेट साफ करेगा। हालांकि, कानपुर में आयोजित वर्ल्ड ग्लूकोमा वीक के दौरान विशेषज्ञों ने इस आदत को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। डॉक्टरों के अनुसार, एक साथ अत्यधिक पानी पीने से आंखों की रोशनी पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो ग्लूकोमा के मरीज हैं या इसके शुरुआती लक्षण महसूस कर रहे हैं।
कैसे बढ़ता है आंखों का दबाव?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आंखों के अंदर एक तरल पदार्थ लगातार बनता और रिसता रहता है, जो आंख के दबाव को संतुलित रखता है। जब कोई व्यक्ति अचानक बड़ी मात्रा में पानी पीता है, तो रक्त और शरीर में तरल पदार्थ का स्तर तेजी से बढ़ जाता है। इसके कारण आंख के अंदर का द्रव्य अधिक बनने लगता है या बाहर निकलने में देरी होती है, जिससे इन्ट्राऑक्युलर प्रेशर बढ़ जाता है। उच्च दबाव ऑप्टिक नर्व को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है और दृष्टि कमजोर होने लगती है। ग्लूकोमा रोगियों में आंखों की नालियां या द्रव्य निकलने की क्षमता पहले से ही कमजोर होती है, जिससे एक बार में अधिक पानी पीना सीधे दबाव बढ़ा देता है।
40 की उम्र के बाद नियमित जांच जरूरी
नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ आंखों में सामान्य दबाव 10 से 20 मिलीमीटर मरकरी के बीच होना चाहिए। ग्लूकोमा वीक के दौरान किए गए टेस्ट में 40 से 60 साल की आयु के 25% मरीजों की आंखों का दबाव बढ़ा हुआ पाया गया। यह दबाव 7 से 8 मिलीमीटर मरकरी तक बढ़ा हुआ था, जो ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि कॉफी में मौजूद कैफीन भी रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर सकता है, जिससे आंखों के अंदर दबाव अस्थायी रूप से बढ़ जाता है। इसलिए ग्लूकोमा के मरीजों को कॉफी का सेवन भी सीमित करने की सलाह दी जाती है। 40 वर्ष की उम्र के बाद आंखों की नियमित जांच कराना आवश्यक है।
