CSJMU Conference: शोध के लिए स्वदेशी डेटा बैंक बनाने पर जोर, AI से जैविक पुनर्जागरण की जरूरत
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया है। सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संचालित जैविक पुनर्जागरण के नए युग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी डेटा बैंक का निर्माण समय की मांग है।
प्रति कुलपति ने इस बात पर प्रकाश डाला कि स्वदेशी डेटा बैंक बनने से शोधकर्ताओं को स्थानीय संदर्भों में सटीक जानकारी मिल सकेगी, जिससे अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार होगा। सम्मेलन में मुख्य वक्ता डॉ. मीनल राठौर ने चना और अरहर की उन्नत खेती पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि नई तकनीकों के माध्यम से दलहन उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। डॉ. अनूप कुमार सिंह और डॉ. गिरीश प्रसाद दीक्षित ने भी अपने विचार रखे।
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में कुल 16 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। समापन समारोह में जीवन विज्ञान के विभिन्न विषयों में 6 सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुतियों तथा 10 सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुतियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर की नीतू सिंह को ओवरऑल बेस्ट पोस्टर प्रेजेंटेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
