लखनऊ को बड़ी राहत, Green Corridor Phase 2 का लोकार्पण 13 मार्च को, जाम से मिलेगी मुक्ति
लखनऊ के यातायात को नया आयाम देने वाली ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का काम पूरा हो गया है। 13 मार्च को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से इसका लोकार्पण करेंगे। यह परियोजना लखनऊ की लाइफलाइन गोमती नदी के किनारे विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य शहर के व्यस्ततम हिस्सों को सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा 299 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह चरण डालीगंज से निशातगंज होते हुए समता मूलक चौक तक फैला है। 7 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के खुलने से हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। वाहन अब सीधे रिवर फ्रंट के किनारे से गोमतीनगर तक पहुंच सकेंगे।
इस लोकार्पण समारोह में ही परियोजना के तीसरे और चौथे चरण का शिलान्यास भी किया जाएगा। इन चरणों का मुख्य लक्ष्य आईआईएम रोड (दुबग्गा) को सीधे शहीद पथ और गोमतीनगर से जोड़ना है। वर्तमान में आईआईएम रोड से गोमतीनगर जाने में 45 से 60 मिनट लगते हैं, लेकिन कॉरिडोर पूरा होने पर यह दूरी मात्र 15-20 मिनट में तय हो सकेगी।
यह कॉरिडोर केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि इसे ‘स्मार्ट रूट’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार, इसमें हरियाली, आधुनिक स्ट्रीट लाइटें, और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह गोमती नदी के किनारों के सौंदर्यीकरण में भी योगदान देगा।
