राहुल गांधी पर UP के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का तीखा हमला, ‘रा से रार, हु से हुड़दंग, ल से लफंगई’ कहकर साधा निशाना | india politics news
दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) समिट में कांग्रेस नेताओं के प्रदर्शन को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। प्रधानमंत्री के तीखे हमले के बाद अब उत्तर प्रदेश के नेता भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर आक्रामक हो गए हैं। यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन को ‘भारत की छवि बिगाड़ने वाला’ कृत्य करार दिया है। यह घटनाक्रम देश की वैश्विक छवि और राजनीतिक मर्यादा को लेकर एक नई बहस छेड़ रहा है। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने भी इस प्रदर्शन को कांग्रेस की ‘नंगी और गंदी राजनीति’ बताया था।
अयोध्या में हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ब्रजेश पाठक ने राहुल गांधी के नाम की नई परिभाषा गढ़ी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल अपने नाम को पूरी तरह चरितार्थ कर रहे हैं। पाठक ने राहुल के नाम के अक्षरों को डिकोड करते हुए कहा, “राहुल में ‘रा’ से रार, ‘हु’ से हुड़दंग और ‘ल’ से लफंगई है।” डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जहां कहीं भी जाते हैं, वहां भारत की छवि को धूल-धूसरित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने एआई समिट में हुए प्रदर्शन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस को इस “घिनौनी राजनीति” का भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा और देश की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
इसी क्रम में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि एआई समिट में कांग्रेस ने जिस प्रकार का प्रदर्शन किया है, उससे पार्टी की “घटिया मानसिकता” उजागर हुई है। अपर्णा यादव ने चुटकी लेते हुए कहा कि आज जिस तरह कांग्रेस का हाल है, आने वाले समय में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) भी इसे दिखाना बंद कर देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज भारत एआई के माध्यम से विश्व का नेतृत्व कर रहा है, जो हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। भारत के ‘ब्रेन’ का लोहा पूरी दुनिया मान रही है, लेकिन कांग्रेस ने विदेशी पटल पर देश को शर्मसार किया है।
इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और विकास पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के बड़े निवेशक यूपी में निवेश के लिए लालायित हैं और राज्य ‘बीमारू’ के कलंक से उबर कर ‘रेवेन्यू सरप्लस’ बन चुका है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार के कारण हर उद्योगपति यहां उद्योग लगाना चाहता है। वहीं, शंकराचार्य विवाद पर दोनों नेताओं ने टिप्पणी करने से परहेज किया, क्योंकि मामला अदालत में विचाराधीन है।
