यूपी में SIR अभियान तेज, 50% से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी: UP Election News
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) तेजी से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 50 प्रतिशत से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी कर ली गई है, जो राज्य में चुनावी तैयारियों की एक महत्वपूर्ण प्रगति है। यह सुनिश्चित करेगा कि आगामी चुनावों में कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर, राज्य के 1.77 लाख मतदान केंद्रों पर SIR-2026 के तहत चौथा विशेष अभियान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान नो मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से संबंधित 1.66 करोड़ से अधिक नोटिसों का निस्तारण किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दावा और आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए अधिक से अधिक पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ना है। इससे पहले 11 जनवरी, 18 जनवरी और 31 जनवरी को भी इसी तरह के विशेष अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं।
कई जिलों में 70% से अधिक सुनवाई पूरी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, प्रदेश के 11 जिले – औरैया, एटा, अम्बेडकरनगर, शामली, फिरोजाबाद, बदायूं, आजमगढ़, बस्ती, चित्रकूट, सहारनपुर और मथुरा में 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। उन्होंने इन जिलों के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और SIR अभियान में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
मतदाताओं से अपील और ऑनलाइन सुविधा
सभी पात्र नागरिकों से अपील की गई है कि वे दावा और आपत्ति की अंतिम तिथि 6 मार्च तक अपना नाम मतदाता सूची में जरूर दर्ज कराएं। नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए ECINET मोबाइल ऐप और voters.eci.gov.in पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
अभियान के दौरान, प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) तय समय पर मौजूद रहे और मतदाताओं से आवेदन प्राप्त किए। प्रत्येक केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाई गई थी, जहां नागरिकों को प्रपत्र-6 (नाम जोड़ने के लिए) और प्रपत्र-8 (संशोधन के लिए) भरने में सहायता दी गई। इस कार्य में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) ने भी सहयोग किया। जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने भी विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नो मैपिंग और तार्किक विसंगतियों के संबंध में नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से अब तक 1.66 करोड़ से अधिक का निस्तारण हो चुका है, जिससे प्रदेश में नोटिसों की सुनवाई की औसत प्रगति 50 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
