राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में धर्मशास्त्र विश्वविद्यालय जबलपुर बना विजेता: National Moot Court
लखनऊ के बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में आयोजित द्वितीय बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में जबलपुर के धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। यह प्रतियोगिता देश भर के विधि छात्रों को कानूनी तर्क, शोध और प्रस्तुति कौशल को निखारने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। इस वर्ष की National Moot Court में नागपुर के सिंबायोसिस विधि महाविद्यालय की टीम उपविजेता रही, जिसने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
प्रतियोगिता के फाइनल राउंड की अध्यक्षता न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिज़वी, न्यायमूर्ति उमेश चन्द्र शर्मा और न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल जैसे प्रतिष्ठित न्यायविदों ने की, जिन्होंने छात्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया। शोधकर्ता श्रेणी में, एशियन लॉ कॉलेज, नोएडा और सिंबायोसिस विधि महाविद्यालय, पुणे के शोधकर्ताओं को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता घोषित किया गया, क्योंकि उनके अंक समान थे।
सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार बेंगलुरु के स्कूल ऑफ लॉ, क्राइस्ट (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) के प्रथम वक्ता को मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल का पुरस्कार सिंबायोसिस विधि महाविद्यालय, नागपुर ने जीता। यह प्रतियोगिता बीबीएयू के विधि विभाग की स्पेक्ट्रा मूट कोर्ट समिति द्वारा आयोजित की गई थी, जिसका निर्देशन बीबीएयू के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल और विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुदर्शन वर्मा ने किया। ऐसी प्रतियोगिताएं भावी कानूनी पेशेवरों के लिए व्यावहारिक अनुभव और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक होती हैं।
