CBI ने WAPCOS के प्रोजेक्ट मैनेजर को 10 लाख की रिश्वतखोरी में किया गिरफ्तार, देशभर में CBI Raid
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए WAPCOS लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में ठेकेदार बबलू सिंह यादव सहित कुल पांच लोगों को लखनऊ से पकड़ा गया है। यह CBI Raid भुवनेश्वर में निर्माण कार्यों का ठेका दिलाने और स्वीकृति पत्र जारी करने के एवज में की गई अवैध वसूली से जुड़ा है। सीबीआई ने लखनऊ में चार ठिकानों के अलावा गाजीपुर, देवरिया और भुवनेश्वर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर व्यापक छापेमारी की है, जिसमें आरोपियों के आवास भी शामिल हैं। इस कार्रवाई से सरकारी परियोजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
WAPCOS लिमिटेड जल, विद्युत और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कार्यरत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। पंकज दुबे, जो भुवनेश्वर स्थित WAPCOS कार्यालय में परियोजना प्रबंधक के पद पर थे, निविदाएं जारी करने, स्वीकृति पत्र देने और ठेकेदारों के बिलों के भुगतान को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार थे। सीबीआई को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
जांच में सामने आया है कि गाजीपुर निवासी ठेकेदार बबलू सिंह यादव की फर्म को 13 जनवरी को रायगढ़ा इमली प्रसंस्करण इकाई के निर्माण का लगभग 11.81 करोड़ रुपये का ठेका मिला था। आरोप है कि इस ठेके के लिए लगभग 13 प्रतिशत कमीशन की डील हुई थी, जिसमें से छह प्रतिशत का अग्रिम भुगतान हवाला के माध्यम से वाराणसी में होना था। बाद में 25 लाख रुपये गाजीपुर से लखनऊ पहुंचाए गए थे, जो राहुल वर्मा को सौंपे जाने थे। सीबीआई ने बबलू सिंह के चालक शुभम कुमार पाल, राजेश कुमार सिंह और राहुल वर्मा को भी गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि पंकज दुबे ठेकों में धांधली के बदले बी. भूटिया और अभिषेक ठाकुर के जरिए वसूली करता था। ठेका दिलाने के लिए निविदा राशि का चार से छह प्रतिशत, स्वीकृति पत्र (एलओए) जारी करने के लिए चार प्रतिशत और बिल पास करने के लिए तीन प्रतिशत तक की वसूली की जाती थी। अभिषेक ठाकुर ठेकेदार से डील करता था, जबकि बी. भूटिया निविदा प्रक्रिया और बिलों के अनुमोदन में गड़बड़ी करता था।
सीबीआई की जांच में यह भी पता चला है कि परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे का भाई पवन दुबे उसकी काली कमाई को देवरिया में संपत्ति खरीदने और निर्माण कार्यों में लगाने में मदद करता था। काली कमाई के प्रबंधन में पंकज का करीबी राहुल वर्मा भी शामिल था। बिचौलिया गोपाल मिश्रा उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के ठेकेदारों की व्यवस्था करता था और परियोजना संबंधी जानकारी देकर उनकी डील पंकज दुबे से कराता था, जिसके बदले उसे निविदा राशि का लगभग एक प्रतिशत हिस्सा मिलता था। इस मामले में आगे की छानबीन जारी है और कई और खुलासे होने की संभावना है।
अलीगढ़ में यूपी बोर्ड परीक्षा: गृह विज्ञान में 1033 छात्राएं अनुपस्थित, Aligarh Exam News
अलीगढ़ नुमाइश का सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन, अगले साल और भव्य आयोजन का वादा
यूपी बोर्ड परीक्षा में दोस्त की जगह पेपर देते ‘मुन्नाभाई’ गिरफ्तार, Baruasagar में हड़कंप
लखनऊ में जलकल की बड़ी कार्रवाई, दो स्कूलों के Sewer कनेक्शन बंद, 69 लाख बकाया
लखनऊ में जलकल की बड़ी कार्रवाई: बकाया Water Tax न चुकाने पर दो स्कूलों के सीवर कनेक्शन कटे
कासगंज में परिवार की सामूहिक आत्महत्या, DM-SP ने शासन को भेजी ‘Initial Report’
यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट इतिहास परीक्षा में 48 छात्र अनुपस्थित, शांतिपूर्ण संपन्न हुए UP Board exam news
कानपुर में DG Health का निरीक्षण, कांशीराम अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने का आश्वासन | Kanpur news
