कानपुर RTO में बड़ा एक्शन, अवैध खनन वाहन को ब्लैकलिस्ट से हटाने पर सीनियर असिस्टेंट निलंबित (suspended)
उत्तर प्रदेश के कानपुर में अवैध खनन से जुड़े एक गंभीर मामले में आरटीओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार दीक्षित को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक ऐसे वाहन (यूपी 71 एटी-0881) को ब्लैकलिस्ट से हटा दिया, जिस पर अवैध खनन के 11 चालानों के कुल साढ़े पांच लाख रुपये से अधिक का बकाया था। इस कार्रवाई से सरकारी राजस्व को सीधा नुकसान पहुंचा है और अवैध खनन पर लगाम लगाने के प्रयासों को भी झटका लगा है।
यह मामला तब सामने आया जब भूतत्व व खनिकर्म निदेशालय के निदेशक ने परिवहन आयुक्त से शिकायत की। प्रारंभिक जांच में प्रदीप कुमार दीक्षित को दोषी पाया गया, जिसके बाद अपर परिवहन आयुक्त प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद प्रदीप कुमार को परिवहन आयुक्त मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है।
इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति मामले में शामिल अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच करेगी। समिति में उप परिवहन आयुक्त यात्रीकर संजय सिंह अध्यक्ष हैं, जबकि उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र कानपुर राम रतन सोनी और गोरखपुर के सहायक परिवहन आयुक्त प्रवर्तन नरेश कुमार वर्मा सदस्य के रूप में शामिल हैं।
शिकायत में बताया गया था कि वाहन यूपी 71 एटी-0881 पर 5 लाख 50 हजार 400 रुपये का बकाया था, जो 4 दिसंबर 2021 से 26 फरवरी 2022 के बीच हुए 11 अवैध खनन चालानों से संबंधित था। इन चालानों का भुगतान नहीं किया गया था। जांच में पाया गया कि प्रदीप कुमार दीक्षित ने किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के आदेश या आख्या के बिना, नियमों के विरुद्ध जाकर इस वाहन को पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट से हटा दिया था। इसी अनियमितता के आधार पर उनके निलंबन का आदेश जारी किया गया है।
