उत्तर रेलवे को मिले नए GM, राजेश कुमार पांडे ने संभाला कार्यभार
भारतीय रेलवे के महत्वपूर्ण उत्तर रेलवे जोन को नया नेतृत्व मिला है। भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग सेवा (आईआरएसएसई) के 1989 बैच के वरिष्ठ अधिकारी राजेश कुमार पांडे ने उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक (Northern Railway GM) का पदभार संभाल लिया है। यह नियुक्ति उत्तर रेलवे के सुचारु संचालन और आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका सीधा असर लाखों रेल यात्रियों पर पड़ेगा।
मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले राजेश कुमार पांडे ने अपनी शिक्षा मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोरखपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स में बीई की डिग्री के साथ पूरी की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी दिल्ली से एमटेक की उपाधि प्राप्त की। रेलवे में उनका करियर बरौनी में सहायक सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर के रूप में शुरू हुआ, जहाँ से उन्होंने अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करना शुरू किया।
अपने लंबे और प्रतिष्ठित करियर के दौरान, पांडे ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। इनमें आरडीएसओ में निरीक्षण निदेशक, समस्तीपुर मंडल में एडीआरएम और पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में डीआरएम जैसे पद शामिल हैं। डीआरएम के रूप में उनके कार्यकाल में ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को समय पर पूरा करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है।
राजेश कुमार पांडे भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, ‘कवच’ के विकास और कार्यान्वयन में भी एक प्रमुख व्यक्ति रहे हैं। हाल ही में, रेलवे बोर्ड में अपर सदस्य (सिग्नल) के रूप में कार्य करते हुए, उन्होंने 400 किलोमीटर लंबे रेल खंड पर ‘कवच’ की स्थापना की सफलतापूर्वक निगरानी की, जो भारतीय रेलवे की सुरक्षा को बढ़ाने में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।
